डिमेंशिया और देखभाल पर हिंदी पुस्तकें


अल्झाइमर: साहस से सामना कीजिये (लेखक: विंग कमांडर डी पी सभरवाल (सेवानिवृत)। विंग कमांडर डी पी सभरवाल (सेवानिवृत) ने कई वर्षों तक अपनी पत्नी कनु (जिनको अल्झाइमर रोग था) की देखभाल की और इस पुस्तक में वे अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा करते हैं। पुस्तक 128 पेज की है और तीन भागों में विभाजित है। भाग – क, लंबा सफ़र, में कनु के पूरे अल्झाइमर के सफ़र का वर्णन है – शुरुआती संकेत से लेकर अंत तक। भाग – ख, सही रास्ते, में लेखक साझा करते हैं कि जैसे जैसे वे स्थिति बेहतर समझने लगे, वे देखभाल के तरीके भी बेहतर कर पाए। वे बताते हैं कि उन्होंने अपने अनुभवों से क्या सीखा और उनके इस विषय में क्या विचार हैं। भाग ग, अभी बाकी है, में वे कुछ अंतिम विचार और सुझाव साझा करते हैं। पुस्तक में लेखक अपने अनुभव, शंकाएं, गलतियाँ, कठिन निर्णय, सफलताएं और असफलताएं, अन्य कई विचार और अल्झाइमर/ डिमेंशिया पर जानकारी, सभी को निसंकोच, खुल कर बांटते हैं। लेखन सरल, स्पष्ट और सच्चे दिल से किया गया है और पुस्तक पढने में आसान और दिल को लुभाने वाली है। यह पुस्तक, अंग्रेज़ी पुस्तक Handling Alzheimer’s with Courage का अनुवाद है। पुस्तक पर अधिक जानकारी के लिए और पुस्तक आर्डर करने के लिए संपर्क करें : aerosaby@gmail.com .

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डिमेंशिया केयर नोट्स (हिंदी )